" जी हाँ में हूँ पटवारी "
सबसे कम वेतन लेकर में करता सबसे ज्यादा काम,
में हूँ एसा घन चक्कर, जिसको नही मिलता आराम !
मंत्री नेताओ के दोरे जब जब करवाए जाते है,
हार फुल और इत्तरपान मुझसे ही मंगवाए जाते है ,
चुनाव हार के कारणों में मुझको समझा जाता है,
जन , पशु , और कृषि गणना का में ही एक प्रभारी ,
जग जानता है मुझको जी हाँ में हूँ पटवारी. . . . . . . . . 1
गिरदावरी डायवर्सन सिलीग वसूली खास होते है.
अधिक्सक भूअभिलेख व तहसीलदार बाँस होते है .
मेरे हलके में अफसर का जब भी डोरा होता है .
तब मेरा मन फुट फुट कर न जाने क्यु रोता है
अफसर की टेढी नजरो से मुझको डरना पड़ता है
वफादार बीबी के माफिक करता सेवा सरकारी
जग जानता है मुझको जी हाँ में हूँ पटवारी. . . . . . . . . २
में गरीब की जोरू हु सब नेता गन मेरे देवर
काम निकल जाए जब फिर देखो उनके तेवर
भीकाजी की घोडी जेसा करते है मेरा उपयोग
मुझे खिओलोना समज खेलते राजनीती के व्यापारी
चलती है बंदूख मेरे कंधे पर में ही बदनाम शिकारी.
जग जानता है मुझको जी हाँ में हूँ पटवारी. . . . . . . . . ३
कुँवारे अफसर की शादी भी हो जाती है मेरे बल पर
बाईसाब की डिलेवरी का खर्चा भी आता है मेरे सर पर
कमी रहे कभी इंतजाम में तो पूछे कब से हो पटवारी
बुरा भला कहने से पहले समझो मेरी लाचारी
जग जानता है मुझको जी हाँ में हूँ पटवारी. . . . . . . . . ४
रमेश बैरागी मो.न. 09425104321
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